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Tuesday, December 16, 2014

ग्राहकों से शर्मा गैस कंपनी की लूट

रविन्‍द्र कुमार द्विवेदी

नई दिल्‍ली। शर्मा गैस कम्‍पनी, दुकान नंबर ए-1/2, एच ब्‍लॉक, सनातन धर्म मंदिर बाजारउत्‍तम नगर, दिल्‍ली, 110059  ने  अपने गैस सिलिण्‍डर  ग्राहकों के साथ भारी लूट मचाकर रख दी है। शर्मा गैस कम्‍पनी  में गैस पहुंचाने वाले लड़के अपने गैस चोरी को इस तरह से अंजाम देते हैं  कि उनकी चोरी पकड़ी न जाये। एक नही कई बार इनकी चोरी पकड़ी गई है मगर इस एजेंसी के मालिक मीडिया और पुलिस को मैनेज करके अपना लूट बरकरार रखा है। उत्‍तम नगर  शर्मा गैस कम्‍पनी  में काम करने वाले एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शर्मा गैस एजेंसी पुलिस और बिकाऊ मीडिया को पैसा देती है इसलिये आज तक इनकी चोरी पकड़ी नही गई। शर्मा गैस कम्‍पनी  में गैस चुराने वाले लड़के बेखौफ होकर कहते हैं कि पुलिस में शिकायत करनी हो तो कर दो हमें किसी का डर नही है। प्रत्‍यक्षदर्शियों के मुताबिक कई गृहणियां शर्मा गैस कम्‍पनी  के काली  कारस्‍तानी से फूट-फूट कर रोने-विलखने लगती हैं मगर गुप्‍ता गैस एजेंसी के दुष्‍ट कर्मचारियो को जरा सी तरस नही आती।

 शर्मा गैस कंपनी हर सिलिण्‍डर में दो से तीन किलो गैस कम भरके देती है। ग्राहक यदि इनके उपर विश्‍वास करता है तो उसके साथ धोखा होता है क्‍योंकि यह कंपनी जानती है कि ग्राहकों के पास तराजू होता ही नही ऐसे में सिलिण्‍डर ग्राहकों  को इनके उपर विश्‍वास करने के सिवा कोई रास्‍ता नही बचता। इतना ही नही ये  गैस  सिलेण्‍डर वेण्‍डर अपने धोखे से ग्राहकों के गैस निकालकर खुले में गैस  बेचनेवाले दुकानदारों को बेंच  देते हैं और ये दुकानदार 70, 80 या 100 रूपये किलो गैस बेंचकर भारी मुनाफा कमाते हैं जबकि  इस  तरह से खुले में गैस बेचना भारी अपराध है।  खुले में गैस बेचने वाले  दुकानदारों को पुलिस भी नही हाथ लगाती क्‍योंकि उनकी इस लूट में पुलिस को भी हिस्‍सा मिलता है।

अभी हाल में गत 19 नवंबर, 2014 को  सी-48, संजय इंक्‍लेव उत्‍तम नगर के निवासी राजीव कुमार के यहां गैस डिलवरी करने वाला लड़का मुनीस ने गैस सिलिंडर दिया था। ये लड़के अपने पास तराजू-कांटा नही रखते और दुर्भाग्‍य से राजीव कुमार के यहां वजन करने वाला तराजू नही था जिससे गैस सिलिंडर  का वजन  नही किया जा सका। इसी का फायदा गैस डिलीवरी करने वाले मजदूर अक्‍सर उठाते रहते  हैं। वैसे भी घर के  गृहणियों की आदत होती है कि गैस सिलिंडर समाप्‍त होने के कुछ दिन पहले बुकिंग करा लेती हैं ताकि आने वाले दिनों में सिलिंडर की किल्‍लत से बचा जा सके। इत्‍तेफाक से 11 दिसंबर को तौलने वाला कांटा मिल जाने पर सिलेंडर को तौला गया तो  उसमें करीब दो किलो गैस कम था। उस डिलीवरी वाले लड़के को फोन कर जब गैस कम की शिकायत की गई तो उसने सिलेंडर  बदलने से साफ मना कर दिया। पुलिस में शिकायत की धमकी देने के बावजूद  उस लड़के ने कहा कि जो करना हो करो हम सिलेंडर नही बदलेंगे।

आज के तारीख तक उस सीलेंडर के सील को नही तोड़ा गया है कोई  भी जांच कर सकता है। जब करीब 11 दिसंबर को डेढ़ बजे शर्मा गैस कम्‍पनी  जाकर राजीव कुमार ने शिकायत कराना चाही तो गुप्‍ता गैस एजेंसी का शटर बंद था। बाद में फोन करके इसकी शिकायत करना  चाही तो गुप्‍ता गैस एजेंसी के लापरवाह कर्मचारियों ने फोन को नही उठाया। 12 दिसंबर, 2014 को पुन: शिकायत करने पर शर्मा गैस कंपनी ने  सिलेण्‍डर बदलने से साफ मना कर दिया।

अखिल भारत हिन्‍दू महासभा और रामाधार  फाउण्‍डेशन  शर्मा गैस कम्‍पनी  के लाइसेंस को रद्द करने के लिये आंदोलन चलायेगा और  प्रधानमंत्री, राष्‍ट्रपति व पेट्रोलियम मंत्री से शर्मा  गैस एजेंसी की  गैस कम देने की शिकायत करेगा।

नेट पर शर्मा गैस कंपनी के खिलाफ कई लिंक मिले हैं: 
इण्डेन शर्मा गैस एजेंसी उत्तम नगर ने ग्राहकों को परेशान कर रखा है

indane gas (sharma gas agency uttam nagar delhi


ग्राहकों से शर्मा गैस कंपनी की लूट

http://www.ugtabharat.com/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A5%88%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%AA/

ग्राहकों से शर्मा गैस कंपनी की लूट
http://kranti4people.com/article.php?aid=4425

ग्राहकों से शर्मा गैस कंपनी की लूट


देशहित ब्‍लॉग

शर्मा गैस कंपनी नंबर-28564167\28564166\28564168\43070133
ऑनर अमित गुप्‍ता मोबाइल- 9210415454

चोरी में शामिल गैस वेंडर मुनीस मोबाइल-8505904765

Saturday, August 2, 2014

हिन्‍दू महासभा ने प्रधान एन्‍क्‍लेव में विधायक संजीव झा का पुतला जलाया-रविन्‍द्र द्विवेदी





   अखिल भारत हिन्‍दू महासभा दिल्‍ली प्रदेश के अध्‍यक्ष रविन्‍द्र द्विवेदी के नेतृत्‍व में महासभा कार्यकर्ताओं एवं प्रधान एन्‍क्‍लेव के निवासियों ने पेयजल समस्‍या, फिरनी रोड सड़क का निर्माण, प्रधान एन्‍क्‍लेव में गलियों का आर.सी.सी. निर्माण तथा नालियों का  निर्माण सहित अन्‍य समस्‍याओं के विरोध में शुक्र बाजार में रैली निकाली और बुराड़ी विधानसभा के विधायक संजीव झा का विजय चौक पर पुतला जलाया। पुतला को मुखाग्नि प्रदेश अध्‍यक्ष रविन्‍द्र द्विवेदी ने दी।

   पुतला दहन से पहले रैली में शामिल सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नागरिकों को संबोधित करते हुये महासभा के प्रदेश अध्‍यक्ष रविन्‍द्र द्विवेदी ने कहा कि स्‍थानिय विधायक संजीव झा और निगम पार्षद  अमन त्‍यागी की उपेक्षा से जनसमस्‍याएं विकराल हो रही हैं। पीने के पानी की प्रधान एन्‍क्‍लेव में स्‍थाई पाईप लाइन बिछाने, हर घर में पेयलजल का कनेक्‍शन पहुंचाने और फिरनी रोड सड़क का निर्माण कराने का वायदा करके संजीव झा ने विधायक का चुनाव जीता। चुनाव जीतने के  बाद संजीव झा पर जनता से किये चुनावी वायदों से मुकरने का आरोप लगाते हुये रविन्‍द्र द्विवेदी ने संजीव झा  का  इस्‍तीफा मांगा।

   रविन्‍द्र द्विवेदी ने कहा कि निगम पार्षद अमन त्‍यागी ने भी प्रधान एन्‍क्‍लेव की जनता से वादा खिलाफी  की और नालियों तथा आर.सी.सी. की गलियों का निर्माण कराने के अपने वादे से मुकर गई। घरों से रोजमर्रा  के इस्‍तेमाल से निकलने वाला गन्‍दा पानी  और वर्षा के जल की निकासी का प्रबंध  न होने से जनता नारकीय जीवन जी रही है।

   आगे रविन्‍द्र द्विवेदी ने कहा की इन जन धोखेबाज नेताओं का

 जनता के सामने कलई धीरे-धीरे खुल रही है। जनता को इनके 

वायदेखिलाफी के लिये बिलकुल क्षमा नही करनी चाहिये। ऐसे

 नेताओं के खिलाफ द्विवेदी ने आंदोलन और तेज करने की

 धमकी दी है।

Friday, July 11, 2014

उत्‍तम नगर में बिजली समस्‍या पर स्‍थानिय विधायक पवन शर्मा का पुतला दहन होगा


    अखिल भारत हिन्‍दू महासभा दिल्‍ली प्रदेश के अध्‍यक्ष रविन्‍द्र द्विवेदी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कि रोज आये दिन दिल्‍ली के गरीब कॉलोनियों में अघोषित बिजली कटौती पर हिन्‍दू महासभा चुप नही बैठेगी। श्रीद्विवेदी ने कहा कि कल 10 जुलाई की रात्रि में संजय इंक्‍लेव, उत्‍तम नगर में पूरी रात बिजली ने आंख मिचौली का खेल खेली। कभी बिजली आ रही है तो कभी जा रही है। कभी कम बोल्‍टेज के बिजली होने से  लोगों के पंखे चल पा रहे हैं न कूलर चल पा रहे हैं।

    ये स्थिति पूरे उत्‍तम नगर के गरीब कॉलोनियों की है जहां बिजली  पूरी की पूरी  रात काट दी जाती है जिससे लोग पूरी रात ठीक से सो नही पाते हैं उनकी रोज की दिनचर्या बिगड़ जाती है। लोगों ने एक उम्‍मीद लगाकर भाजपा को वोट दिया था कि वो बिजली, पानी, सड़क और साफ सफाई का ध्‍यान रखेगी। लेकिन जीत के बाद भाजपा पूरा अपने वायदे से यू टर्न ले लिया।

     श्रीरविन्‍द्र  द्विवेदी ने कहा कि बुराड़ी विधान सभा के विधायक संजीव झा के इन्‍ही हरकतों से जनता बुरी तरह से परेशान है इसलिये पिछले 6 जुलाई को उनका पुतला फूंका गया था। उसी तरह उत्‍तम नगर गरीब कॉलोनियों में अघोषित बिजली कटौती से तंग आकर वहां के स्‍थानिय भाजपा विधायक पवन शर्मा का पुतला फूंका जायेगा।

    श्रीरविन्‍द्र द्विवेदी ने उत्‍तम नगर विधान सभा के विधायक पवन शर्मा की कठोर शब्‍दों में निंदा करते हुये कहा कि शर्म आनी चाहिये ऐसे विधायकों को जो जनता के वोट से जीतने के बाद उनके समस्‍याओं को भूल जाते हैं।

    श्रीरविन्‍द्र द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना करते हुये कहा कि मोदी जी को बस बनारस की जनता अपनी लगती है बाकि देश की जनता गाजर-मूली है। बनारस में यदि 24 घण्‍टे बिजली है तो मोदी के नाक के नीचे दिल्‍ली में बिजली क्‍यों नही। शर्म आनी चाहिये ऐसे भाजपा नेताओं को जो जनता में भेद-भाव की राजनीति करते हैं।  
  
    हिन्‍दू महासभा ने ऐलान किया है कि दिल्‍ली के हर विधान सभा क्षेत्र में जहां-जहां बिजली-पानी की समस्‍या है वहां के विधायकों के पुतले हिन्‍दू महासभा पुतला फूंकेगी।

Thursday, January 30, 2014

बाबा कॉलोनी रेजीडेन्ट्स वैलफेयर एसोसिएशन चुनाव

रविन्द्र द्विवेदी के टीम की जीत सुनिश्चित

     बाबा कॉलोनी (बुराड़ी), बाबा कॉ लोनी बी0 ब्लॉक रेजीडेन्ट्स वैलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 9 फरवरी को होंगे। मतदान पुश्ता के नजदीक स्थित महादेव घन्टेश्वर मन्दिर में प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक होगा। चुनाव अधिकारी केशवानन्द डिमरी के अनुसार मतदान के लिए संवैधानिक स्तर पर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
    चुनाव में मुख्य टक्कर रविन्द्र द्विवेदी टीम और संग्राम सिंह भदौरिया के बीच है। संग्राम सिंह भदौरिया निवर्तमान प्रधान हैं, जबकि रविन्द्र  द्विवेदी राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। प्रधान पद पर इन्हीं दोनों के बीच टक्कर है। विजय कुमार और लक्ष्मी रावत प्रधान पद के दो अन्य उम्मीदवार हैं, लेकिन इनकी टीम के चुनाव मैदान में न होने से दोनों की दावेदारी कमजोर माना जा रहा है।
    रविन्द्र द्विवेदी टीम में रविन्द्र द्विवेदी प्रधान पद के लिए, वीरेन्द्र कुमार महासचिव पद के लिए और जयदीप सिंह नेगी कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। रविन्द्र द्विवेदी टीम ने अपना प्रचार तेज कर दिया है। रविन्द्र द्विवेदी टीम घर-घर जाकर पानी का नलपर वोट देने की अपील कर रही है। रविन्द्र द्विवेदी का ऊँचा राजनीतिक कद और उनकी 26 वर्ष की समाज सेवा उनकी जीत का आधार स्तंभ बन सकती है।

    रविन्द्र द्विवेदी टीम ने 21 सूत्री घोषणा पत्र जारी करते हुये कालोनी के निवासियों से जाति, धर्म, पंथ, प्रांत और भाषा की विचारधारा से ऊपर उठकर मतदान करने का आह्वान किया। रविन्द्र द्विवेदी का सघन प्रचार अभियान और कॉलोनी के मतदाताओं का उनके प्रति रूझान देखकर रविन्द्र द्विवेदी टीम की जीत पक्की मानी जा रही है।

Wednesday, December 25, 2013

सांप्रदायिक लक्षित हिंसा विधेयक के खिलाफ रविन्‍द्र द्विवेदी ने किया धरना-प्रदर्शन

      यूपीए सरकार के प्रस्तावित साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा बिल के खिलाफ अखिल भारत हिन्दू महासभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं रविवार शाम शहर के प्याली चौक पर चौराहे पर प्रदर्शन किया । महासभा के नेताओं ने केंद्र की कांग्रेस सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी के बाद हाथ में प्रस्तावित बिल की प्रतियां लिए पियाली चौक पहुंचे और उसे आग के हवाले कर दिया। विहिप कार्यकर्ता पोप की लाठी वापस जाओ,अल्पसंख्यक तुष्टीकरण बंद करो,गऊ हत्या बंद करो, कीर्तन-भजन में बाधा उत्पन्न करने वाले तथा हिंदुओं का उत्पीड़न करने वालों का प्रश्रय देना बंद करो के नारे लगा रहे थे।



      महासभा के दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष रविंदर द्विवेदी और फरीदाबाद लोकसभा के प्रत्यासी रविंदर भाटी के नेतृतव में हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। चौक पर पर साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा की प्रतियां जलाने के बाद सभा भी हुई। सभा में महासभा के नेताओं ने कहा कि सोनिया गांधी के सलाहकार परिषद द्वारा बनाया गया साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा को रोकथाम विधेयकक एक ऐसा कानून है जो स्वतंत्र भारत में हिंदुओं को मुस्लिम और ईसाई समाज में पराधीन रहने को विवश करेगा। हिंदुओं को अपने ही देश में द्वितीय श्रेणी का नागरिकता प्रदान करने वाला यह कानून मुगलिया सल्तनत की याद को ताजा करता है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस बिल को सदन में रखा गया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस मौके महासभा के फरीदाबाद के जिला अध्यक्ष अशोक कुशवाह, लक्ष्मण वर्मा उर्फ़ लच्छू भैया, एडवोकेट सुशील मिश्रा, संतोष कुमार, मास्टर राजकुमार, उमेश कुमार ठाकुर, संतोष यादव, मनोज पाण्डेय शास्त्री, ब्रिज श्याम तिवारी, प्रधान मल्लापुर, खेम चंद गोयल, विजय शर्मा, सीताराम, कृष्णपाल सहित महासभा के सैकड़ों लोग मौजूद थे ।

Tuesday, November 26, 2013

राष्‍ट्रीय राजनीति में हिन्दू महासभा की ख्वाहिश भाजपा के लिए अभिशाप

संघ और महासभा का आरोप- प्रत्यारोप जारी 
अखिल भारत हिन्दू महासभा भाजपा, आर एस0 एस0 और विश्व हिन्दू परिषद को कड़ी चुनौती दे रही है। हिन्दू महासभा नेताओं द्रारा तीनों पर ऐसे-ऐसे उठाये जा रहे है, जिनका जबाब किसी और के पास नही है। जबाब न देने पाने पर भाजपा, आर 0एस0 एस0 और विहिप समर्थक हिन्दू महासभा को काग्रेंस का एजेन्ट तक 
कह रहे है। हिन्दू महासभा समर्थक काग्रेंस का एजेन्ट होने का आरोप खारिज कर काग्रेंस को अपना शत्रु नम्बर वन घोषित कर रहे है। यह सारा नजारा फेसबुक पर साफ-साफ देख जा सकता है।
हिन्दू महासभा से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार एंव फैजाबाद लोकसभा प्रत्याशी रविन्द्र द्विवेदी ने फेसबुक में अपनी टार्इमलार्इन पर लिखा -
''
भाजपा ने नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। मोदी समर्थक मेरी टार्इम लार्इन लिख रहे है वो भाजपा विरोधी है। भाजपा समर्थक अखिल भारत हिन्दू महासभा की भाजपा विरोधी पोस्ट को लार्इक करते है। क्या भाजपा के लिए सब ठीक है? नही यह भाजप के पतन और हिन्दू महासभा के उत्थान का आगाज है। 2014 लोकसभा चुनाव बाद देश की राजनीतिक तस्वीर बदली-बदली नजर आये तो किसी को अचरज नही होना चाहिये। जय हिन्दू राष्ट''
रविन्द्र द्विवेदी की इस पोस्ट को मोदी समर्थक द्रारा लार्इककर भारी समर्थन दिया जा रहा है। दिल्ली भाजपा नेता इन्दू भूषण
, राम गोपाल भारतीय,विश्वदीपक मिश्र, बंगाल के मोदी समर्थक अरिन्दम मुखर्जी सहित अनेक जाने- माने मोदी समर्थक रविन्द्र द्विवेदी की पोस्ट को लाइक करने वालो में सामिल है। मोदी समर्थक जितना मोदी को समर्थन देना चाहते है, उनके अनुपात में भाजपा को जरा भी पसन्द नही करते। 
बंगाल से अरिन्दम मुखर्जी बकायदा अपनी कमेन्ट में बार-बार कह रहे है कि वो भाजपा समर्थक नही है। वो मोदी के नाम पर राष्टवाद और हिन्दूत्व को समर्थन दे रहे है और अखिल भारत हिन्दू महासभा से मोदी के लिए समर्थन मांग रहे है। हलाकि हिन्दू महासभा नेताओ ने मोदी को समर्थन देने से साफ इंकार कर मोदी के विरूद्व रविन्द्र द्विवेदी को प्रधानमंत्री पद का सशक्त उम्मीदवार बता रहे है। मोदी समर्थक अरिन्दम मुखर्जी का यह भी कहना कि अगर हिन्दू महासभा उनके चुनाव क्षेत्र बंगाल से हिन्दू महासभा के उम्मीदवार खड़ा करते है तो वो अपने समर्थकों के साथ महासभा के लिए प्रचार करेंगें।
रविन्द्र द्विवेदी की टार्इम लार्इन पर भाजपा समर्थक के आरोपो का जबाब देने की जिम्मेंदारी अखिल भारत हिन्दू महासभा से राजस्थान प्रदेश के प्रभारी पवन कुमार सुरोलिया
, प्रदेश प्रभारी मुकुल मिश्रा, उत्तर भारत की विधि परामर्शदाता अधिवक्ता संजया शर्मा और महाराष्ट हिन्दू महासभा के वरिष्ठ नेता प्रमोद पंणिड़त जोशी ने संभाली है।
हिन्दू महासभा के समर्थकों और भाजपा
, आर0 एस0 एस0 और विहिप समर्थको के बीच फेसबुक पर लगाातार जारी कमेन्टस में गड़े मुरर्दे भी उखाड़े जा रहे है। आर0 एस0 एस0 को देश विभाजन का न केवल दोषी ठहराया जा रहा है वरन गाधी वध पर नये-नये रोचक प्रसंग भी पढ़ने को मिल रहे है।
अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी पर भी आरोपों की बौछार कर भाजपा को हिन्दू विरोधी और मुसिलम परस्त साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। फेसबुक पर भाजपा
, आर0 एस0 एस0 और विहिप समर्थक हिन्दू महासभा को हिन्दू एकता को मजबूत करने की जगह तोड़ने वाला सिद्व करने का प्रयास कर रहे है। हिन्दू महासभा इस आरोप को 'खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे' की कहावत से जोड़ भाजपा, आर0 एस0 एस0 और विहिप पर पलटवार कर रही है।
भाजपा
, आरएसएस और विहिप पर पलटवार करते हुये राजस्थान हिन्दू महासभा के प्रभारी मुकुल मिश्रा अपनी कमेंट में लिखते हैं ''संघ के स्वयंसेवकों, विहिप कार्यकर्ताओं और भाजपाइयों से निवेदन है कि अखिल भारत हिन्दू महासभा, राजस्थान का भाजपा-कांग्रेस के विरूद्ध आरोप पत्र अवश्य पढ़ेंं। मैं सभी भाजपार्इ, कांग्रेसी, स्वयंसेवक, विहिप कार्यकर्ताओं को बहस के लिये आमंत्रित करता हूं, जय हिन्दू राष्ट्र।
राजस्थान के प्रदेश हिन्दू महासभाध्यक्ष पवन कुमार सिरोलिया अपनी कमेंट में अटल बिहारी वाजपेयी पर कड़ा प्रहार करते हुये लिखते हैं-
''अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वयं एक साक्षात्कार में कहा था कि मैं मछली और विहस्की का शौकीन हूं। अटल बिहारी वाजपेयी ने देशभक्त क्रांतिकारियों के खिलाफ गवाही दी थी। वाजपेयी ने प्रधानमंत्री काल में पाकिस्तानी कारगिल में घुसे थे जिसके कारण भारत में भारी जान-माल का नुकसान हुआ था। उनके शासन में ही अजहर मसूद जैसे आतंकवादियों को कंधार तक पहुंचाकर छोड़ा गया था। अटल के शासन में ही संसद पर हमला हुआ था। अटल के शासन में ही गोमांस का निर्यात हुआ। अटन शासन में हिन्दू हत्यारा फारूक अब्दुल्ला मंत्री बना रहा। अटल बिहारी वाजपेयी अपना आदर्श नेहरू को बताते हैं, जो कि नशेड़ी और आसिक मिजाज था। उसी नेहरू ने भारत माता के टुकड़े किये। नेहरू ने चंद्रशेखर आजाद की मुखबिरी करके मरवाया। नेहरू ने रूस और बि्रटिश का जासूस बनकर सुभाष चंद्र बोस को ठिकाने लगवाया। ऐसे नेहरू का चेला अटल बिहारी वाजपेयी अपने छात्र जीवन में कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र संगठन आल इणिडया स्टूडेण्ट फेडरेशन का नेता और रूस का जासूस था। अपने गुरू नेहरू की तरह अटल भी नशेड़ी और आसिक मिजाज था। मैं दावे के साथ कहता हूं। कि देश में एक ही देशभक्त प्रधानमंत्री हुआ जिसका नाम लाल बहादुर शास्त्री।
पवन सिरोलिया समूचे आरएसएस पर प्रहार करते हुये लिखते हैं-
''डा0 हेडगेवार भगीरथ के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को गंगा नदी के रूप में भारत भूमि पर अवतरित किया। हिन्दुओं में आशा जागी कि गंगा रूपी नदी संघ पर बांध बनेगा, मीठा पानी मिलेगा, इससे हिन्दुओं की प्यास बुझेगी। संघ रूपी नदी में बांध बनकर कर्इ नहरें निकलेंगी, जिससे सिंचायी होगी और सारे खेत हरे-भरे हो जायेंगे। खाने को अन्न मिलेगा। गंगा जैसी पवित्र नदी रूपी संघ के बांध से बिजली का उत्पादन होगा, जिससे रोशनी मिलेगी और समूचा भारत जगमगा उठेगा किन्तु न बांध बना और न पीने को मीठा पानी मिला जो हिन्दुओं की प्यास बुझा सके। न ही नहरे निकली जिससे अन्न का उत्पादन हो सके। न बिजली उत्पन्न हो सकी जिससे रोशनी मिले। अपितु पहले से अधिक अंधेरा छा गया। जिस प्रकार तालाब में जल ज्यादा भरने से तालाब का रूप बड़ा हो जाता है, लेकिन तालाब का स्वरूप नष्ट हो जाता है जिसमें केवल मेढकों की टर्र-टर्र सुनायी देती है। उसी प्रकार संघ की सदस्य संख्या तो खूब बढ़ गयी परन्तु उसमें मोटे-मोटे मोहन भागवत और इन्द्रेश जैसे मेढकों की टर्र-टर्र ही सुनायी दे रही है।
महाराष्ट्र हिन्दू महासभा के वरिष्ठ नेता प्रमोद पणिडत जोशी लिखते हैं-
''हिन्दू महासभा के किसी भी सदस्य को यह ध्यान में रखना होगा कि संघ कि पितृ संस्था हिन्दू महासभा है। संघ और महासंघ के बीच जो मतभेद है, वह गुरू गोलवरकर ने नेहरू का साथ देकर देश का बंटवारा कराने के साथ आरंभ हुआ। हिन्दू महासभा को समाप्त करने के नेहरू-पटेल के निर्देश पर जनसंघ का निर्माण करना, विश्व हिन्दू धर्म सम्मेलन का अपहरण कर, विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना। श्रीकृष्ण जन्मभूमि का समझौता करने के पश्चात अब श्रीराम जन्मभूमि का कब्जा-बंटवारा का षणयंत्र ही महासभा-संघ के बीच मतभेदों का मूल कारण है।
जोधपुर में शकित सिंघ ने रविन्द्र द्विवेदी के टाइम लाइन पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवाद पर व्यंग्य लिखते हुये कहा है-
''महासभा का कोर्इ अध्यक्ष नही है। ख्वाब है आरएसएस और भाजपा को मिटाने का। यह तो बिना सेनापति युद्ध लड़ने की बात हो गयी। प्रमोद पणिडत जोशी शकित सिंह सर के व्यंग्य का जवाब देते हुये महासभा में भाजपायी घुसपैठियों को जिम्मेदार ठहराते हैं।
मोदी समर्थक बंगाल के अरिंदम मुखर्जी देश विभाजन में आरएसएस की भूमिका को सही ठहराते हुये लिखते हैं-
''उस समय बंटवारा अनिवार्य था। अगर उस समय बंटवारा नही होता तो आज पूरा बंगाल, असम और पंजाब मुसिलम बहुल बनकर अलग राष्ट्र होता। रही बात नेहरू का साथ देने की तो 1952 में प्रथम नेहरू मंत्रिमण्डल में महासभा के वीर सावरकर जी के निर्देश से महासभा मंत्रिमण्डल में शामिल हुयी। महासभा के सांसद श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंत्री भी बनें थे। उस समय महासभा सिर्फ ब्राहमणों की पार्टी कहलाती थी, इसलिये सभी राष्ट्रवादी हिन्दू महासभा के नेताओं के परामर्श से जनसंघ की स्थापना हुयी थी। हिन्दू महासभा सभी हिन्दू नेताओं को जोड़ने में नाकाम हो रही थी। यह महासभा की गलती थी कि उस समय महासभा अपनी गलती समझ नही पायी न ही महासभा कूटनीति से चल पायी। अत: अपनी इस गलती का दोष संघ और भाजपा पर न डाले।
दिल्ली के सुशील मिश्र अरिंदम मुखर्जी के तथ्यों का कड़ा प्रतिकार करते हुये लिखते हैं-
''भाजपा हमारी दुश्मन नंबर एक है। हम उसे केन्द्र तो दूर दिल्ली की सत्ता में भी पहुंचने नही देंगे। बंगाल में भाजपा की वीर गाथा आप गाते रहिये। हिन्दू महासभा से टकराने की हिम्मत करो। क्योंकि हमें रोकने की ताकत मोदी या राहुल गांधी में नही है।
इसके साथ ही सुशील मिश्र अरिंदम मुखर्जी की प्रशंसा करते हैं और उन्हें हिन्दू महासभा में आने का न्यौता देते हुये लिखते हैं-
''आपसे बहस में बड़ा आनंद आया। राष्ट्र चर्चा हुयी। हम हिन्दू महासभा से हिन्दू समाज को जोड़ना चाहते हैं, न कि भाजपा से। भाजपा सच्चार्इ पर खरा उतरने में नाकामयाब पार्टी है। आप हिन्दू महासभा में आइये, महासभा आपका स्वागत करेगी। आप महासभा से बंगाल संभालिये। हमारा साथ मिलेगा।
फेसबुक पर हिन्दू महासभा अन्य हिन्दुवादी संगठनों के मध्य निरंतर जारी चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप पर आदर्श भारत टाइम्स ने महासभा से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रविन्द्र द्विवेदी से उसके दिल्ली कार्यालय में वार्ता की। रविन्द्र द्विवेदी ने सधे हुये शब्दों में कहा-
''हिन्दू महासभा को एक राजनैतिक दल होने के नाते अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने व सरकार बनाने का पूरा अधिकार है। संघ, भाजपा और विहिप के पेट में दर्द उठता है तो कोयी इसमें क्या कर सकता है। रविन्द्र द्विवेदी ने कहा कि भाजपा और हिन्दू महासभा में एक समानता जरूर है, वो समानता यह है कि दोनों ही कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करना चाहते हैं। महासभा एक कदम और आगे है, जो भाजपा को सत्ता से दूर रखने की ख्वाहिश रखती है। राष्ट्रीय राजनीति में हिन्दू महासभा की ख्वाहिश भाजपा के लिये कहीं अभिशाप न बन जाये।

Sunday, November 17, 2013

कोरिया गणराज्य की महारानी 'हो' बनाम श्री राम जन्म भूमि

रविन्‍द्र द्विवेदी        

अयोध्या के सरयू तट पर कोरिया गणराज्य की महारानी 'हो' का जन्म स्थान स्मारक बना हुआ है।    भाजपा ने देश के हिन्दुओं को 'सौगन्ध राम की खाते है- हम मंदिर वहा बनायेंगे' का नारा दिया। कौन जानता था कि यह नारा सत्ता पाने की कुंजी भर है। यर्थाथ में मंदिर  निर्माण से भाजपा का कोई  नाता नही है। इसका आभास उसी दिन मिल गया था, जब मंदिर  निर्माण के मुद्दे पर भाजपा ने सत्ता हासिल करने के बाद कोरिया गणराज्य की महारानी 'हो' का जन्म स्थान स्मारक बनाने पर सहमति प्रदान की ।

कोरिया गणराज्य ने उत्तर प्रदेश की सत्ता में आसीन भारत सरकार के सामने अयोध्या के सम्पूर्ण विकास एवं उधोग धन्धों की स्थापना के लिए दो सौ करोड़ रूपये की सहायता देने का प्रस्ताव रखा। इतना सुन्दर प्रस्ताव पाकर भाजपा सरकार गदगद हो गई। इससे कुछ समय पहले ही भाजपा सरकार ने भाजपा सरकार ने 21 करोण रूपये मंजूर किये। भाजपा ने बहुत ज्यादा सोच-विचार किये बिना ही कोरिया गणराज्य का प्रस्ताव मान लिया। कोरिया गणराज्य ने भाजपा सरकार की सहमति हासिल होने के बाद अपने देश की महारानी का जन्म स्थान अयोध्या हो गया और वहां पर रानी हो-जन्म स्थान स्मारक बनाने की शर्त रखी। इस शर्त के आगे भाजपा मंदिर  निर्माण का संकल्प भूल गर्इ।  वो कोरिया गणराज्य से मिलने वाले दो सौ करोड़ रूपये हाथ से जाने नही देना चाहती थी। रानी हो के स्मारक के बदले दो सौ करोड़ रूपये के समझौते  में भाजपा के फायर ब्राण्ड नेता विनय कटियार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभार्इ।

    विनय कटियार तक यह योजना काग्रेंस के प्रभावशाली स्थानी नेता निर्मल खत्री ने स्वंय को परदे के पीछे रख कर राजा अयोध्या बिमलेन्द्र प्रताप सिंह के माध्यम से पहुंचार्इ थी। योजना में महारानी हो की याद में अयोध्या को सिस्टर सिटी बनाने का फार्मूला  शामिल था। योजना और फार्मूला  का भाजपा के मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया। उन्होंने सहमति देने में विलम्ब करना उचित नही समझा। सत्ता में थोड़ी बहुत खींचतान के बाद योजना को अंतिम  मंजूरी दे दी गर्इ। भाजपा मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने तयशुदा कार्यक्रम तैयार कर दिया गया। तारिख निशिचत कर दी गर्इ।
     कोरिया गणराज्य से सौ प्रतिनिधियों का शिष्ट मण्डल फैजाबाद पहुंचा और सामाजवदी पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह के फैजाबाद रेलवे स्टेशन के नजदीक सिथत कृष्णा होटल में ठहरा। उनकी आगवानी अयोध्या नगर पालिका की तत्कालीन अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकान्ती मिश्र  ने की। सैद्धानितक तौर पर सरकार की ओर से उन्होंने ही समझौते पर स्वीकृति प्रदान की। इसे 'अयोध्या-कोरिया सम्मेलन' का नाम दिया गया।

     सम्मेलन दोपहर में समाप्त हुआ। सम्मेलन के बाद कोरिया का सौ सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल फैजाबाद प्रशासन लाव लश्कर के साथ सरयू तट के नया घाट पर राम कथा पार्क पहुंचा। वहीं पर महारानी हो के जन्म स्थान स्मारक का शिलान्यास निश्चित  हुआ था। स्मारक के इस उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह को स्वंय आना था। किन्तु किसी कारणवश वो नही पहुंच पाये। राजनाथ सिंह अपनी जगह तत्कालीन पर्यटन राज्य मंत्री लल्लू सिंह को भेजा। लल्लू सिंह के साथ उस शिलान्यास कार्यक्रम में कलराज मिश्र रमापति शास्त्री और शिवकान्त ओझा सहित प्रदेश सरकार के 11 मंत्री उपस्थित हुए। शिलान्यास समारोह में भाजपा के फायर ब्राण्ड नेता विनय कटियार ने महारानी हो का अयोध्या से रिश्ता जोड़ते हुए संभवत: एक काल्पनिक कहानी सुनार्इ।

     करीब दो हजार साल पहले 'हो' का जन्म अयोध्या में हुआ बड़ी होने पर वो रोज सरयू में नहाने जाती थी। नहाने के बाद उसे नौका सवारी का शौक था। नौका सवारी के दौरान एक दिन तेज तूफान आया। तूफान में उसकी नौका भटक गई।  कोरिया गणराज्य के महाराजा ने उसे देखा और उस पर मोहित होकर उससे शादी कर ली महाराजा ने उनका नाम 'हो' रखा। महारानी हो ने कोरिया गणराज्य उत्तराधिकारी को जन्म दिया। बाद में वो कोरिया की राजमाता के नाम से सुविख्यात हुर्इ।'' 

   मनोरंजन के लिये इस कहानी में हर तरह का मशाला है, लेकिन यथार्थ के धरातल पर यह कहानी गले से नीचे नही उतरती। कहानी पूरी तरह कपोल-कल्पित  नजर आती है। कहानी में न तो अयोध्या में जन्म लेने के बाद कोरिया की इस राजमाता के भारतीय नाम का उल्लेख है और न ही उनके मां-बाप के वंशावली का जिक्र है। सबसे ज्यादा समझ में न आने वाला तथ्य यह है कि वो कौन सा काल था, जब से सरयू नदी अयोध्या से होकर कोरिया गणराज्य तक बहती थी। मेरी नजर में ऐसा समय काल कभी था ही नही फिर भला तूफान में भटककर महारानी हो की नौका कोरिया गणराज्य की सीमा में कैसे पहुंची होगी? क्या इसका जवाब विनय कटियार या भाजपा दे सकती है?

    भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर उनका भव्य मंदिर का निर्माण का मामला सन 1949 से चला आ रहा है। पुरातात्विक  विभाग द्वारा उत्खनन में मिले समस्त प्रमाण मंदिर के पक्ष में हैं। प्रमाणित हो चुके है कि वर्तमान में जहां रामलला विराजमान हैं वहीं श्रीराम का जन्म स्थान गर्भगृह है। फिर भी वहां मंदिर निर्माण आरंभ नही हो सका। हमारे आराध्य श्रीराम आज भी छप्परनुमा छोटे से कक्ष में विराजमान हैं। भारत और सारी दुनिया के हिन्दुओं की भावनायें आहत हैं। लेकिन भाजपा एक कपोल-कल्पित  कहानी को आधार बनाकर, बिना सत्यता का प्रमाण लिये सरयू तट पर एक विदेशी महारानी का जन्म स्थान स्मारक बना देती है। भगवान श्रीराम पर विदेशी महारानी को महत्व देने का घृणित कार्य भाजपा जैसी छद्म हिन्दुत्व की पोषक भाजपा ही कर सकती है। भाजपा ने लंबी जद्दोजेहद के बाद 200 करोड़ के बदले विदेशी महारानी का जन्म स्थान स्मारक तो बता दिया लेकिन हिन्दू महासभा और साधू-संतों के विरोध ने विदेशी महारानी की प्रतिमा और जन्म स्थान स्मारक पर आज तक नही लगने दिया।

 विदेशी महारानी स्मारक निर्माण के बदले प्रदेश भाजपा सरकार को मिले 200 करोड़ रूपये अयोध्या के विकास के लिये थे, वो धनराशि कहां गयी? उस धनराशि से अयोध्या का विकास करवाया गया? अगर करवाया गया तो उस धनराशि से हुआ विकास कहां है? जान पड़ता है कि 200 करोड़ का घोटाला कर लिया गया? मैं अयोध्या की यात्रा करता रहा हूं, वहां मुझे विकास की कोर्इ वानगी नही आयी। विदेशी महारानी का जन्मस्थान स्मारक बनवाने के बाद भाजपा ने श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से किनारा कर लिया और शाइनिंग इइण्डिया का नारा दिया। आगामी लोकसभा चुनाव के समय श्रीराम जन्मभूमि को घोषणा पत्र में शामिल करने और चुनाव के बाद अपने एजेण्डे से बाहर निकालने का राजनीतिक खेल खेलती रही है। वास्तव में भाजपा और आरएसएस का श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से कोर्इ नाता नही रहा।

    सन 1949 से अखिल भारत हिन्दू महासभा न्यायालय में लड़ रही है और वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में वही पैरवी कर रही है। भाजपा ने अपने जन्म के बाद आरएसएस के सहयोग से हिन्दू महासभा को अपने विश्वास में लेकर मंदिर निर्माण विषय का राजनीतिकरण कर दिया। हालांकि भाजपा और आरएसएस ने हिन्दू महासभा के साथ न्यायिक विवाद में पैरवीकार बनने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफल नही हो सकी। हां, श्रीराम जन्मभूमि का राजनीतिकरण करके वे उत्तर प्रदेश और केन्द्र की सत्ता हथियाने में जरूर कामयाब हो गयी।


   उ0 प्र0 चुनाव 2012 में भाजपा ने एक बार फिर श्रीराम जन्मभूमि को अपने घोषणापत्र में शामिल किया, लेकिन हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भारतीय निर्वाचन आयोग में कटघरे में खड़ा कर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का नोटिस जारी करवा दिया। भाजपा में इससे छटपटाहट है और हिन्दू जनता का ठीक से सामना नही कर पा रही है। वास्तव में नोटिस जारी होने से भाजपा बेनकाब हो गयी है। भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण का संकल्प छोड़ने वाली, 200 करोड़ की एवज में विदेशी महारानी का सरयू तट पर जन्म स्थान-स्मारक बनवाने वाली भाजपा हिन्दू महासभा के सामने बैकफुट पर है। संभवत: यह भाजपा के पतन का आगाज है। भाजपा का पतन ही हिन्दू महासभा के उत्थान का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। भारत की हिन्दू राजनीति परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। सन 2014 का लोकसभा चुनाव होंगे। हिन्दू महासभा राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य पर भाजपा को पछाड़ कर प्रमुख राजनीतिक शक्ति बनने और सत्ता हासिल करने की दिशा में तत्पर है। आइये, इस गौरवशाली समय का आगमन का स्वागत करने के महायज्ञ में हम दिल्ली विधान सभा चुनाव 2013 और लोकसभा चुनाव 2014 अपने वोट हिन्दू महासभा को देने का संकल्प लें।