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Sunday, April 11, 2021

मुख्यमंत्री की नाक के नीचे अधिकारियों का फर्जीवाड़ा

 बरसठी थानाध्यक्ष ने गलत रिपोर्ट दाखिल कर मुख्यमंत्री को किया गुमराह


रविन्द्र कुमार द्विवेदी की विशेष रिपोर्ट





     बरसठी, जौनपुर(उप्र)। भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की किरकिरी उसके ही अफसर लगातार करते आ रहे हैं।  मुख्यमंत्री की नाक के नीचे कुछ भ्रष्ट अधिकारी ऐसा फर्जीवाड़ा कर रहे हैं , जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। ज्ञात हो कि ग्राम-पोस्ट परियत की वरिष्ठ  नागरिक राजकुमारी देवी पत्नी डॉ रमाकांत गुप्त ने (उम्र 73 के पार, रिटायर्ड प्रधानाध्यापिका, जूनियर हाई स्कूल) मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के कुछ दबंग भू-माफिया उनके अपने ही चारदिवारी में गेट व कुछ गृह-निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे हैं जिसके लिए वे सीविल कोर्ट का आदेश भी लाई हैं फिर भी काम शुरू होने पर दबंग हिंसक रूख अपना लेते हैं जिसके कारण अपना गृह निर्माण कार्य करवाने में असफल हो जाती हैं।  इसके लिए परियत निवासी राजकुमारी जी पुलिस वालों व बहुत उपर सीएम से लेकर पीएम तक गुहार लगाईं मगर दबंगों के हर कुत्सित कुकृत्य पर बरसठी पुलिस के आला अधिकारी पर्दा डालते रहे व उन्हें पूरी तरह संरक्षण देते रहे।

जबकि  जौनपुर सीविल कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि वादिनी श्रीमती राजकुमारी देवी अराजी 1156/0.065 की मालिक हैं व उनका नाम राजस्व व अभिलेख में दर्ज हैं, प्रतिवादीगण हस्तक्षेप कर उसे बेदखल करना चाहते हैं अत: उन्हें मना किया जाये व वादिनी राजकुमारी देवी के शांतिपूर्ण व कब्जा व दखल में विधि विरूद्ध तरीके से हस्तक्षेप न करें। वादिनी आदेश 39 नियम 3 सीपीसी का पालन अंदर 24 घंटे करें। इसके बावजूद भी बरसठी के दु:साहसी थानाध्यक्ष सीविल कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं व उसकी पूरी तरह से अनदेखी कर गलत रिपोर्ट लगाकर सीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर अभियुक्तों को पूरी तरह सहायता कर रही है व मुख्यमंत्री व उनके आला अधिकारियों को भी पूरी तरह से दिग्भ्रमित कर रहे हैं।

    सनद रहे कि राजकुमारी देवी एक वरिष्ठ नागरिक हैं और जब उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई तब बरसठी थानाध्यक्ष का ये कर्तव्य था कि जाकर एक बार पूछे कि कौन दबंग हैं जो आपको गृह निर्माण कार्य नहीं करने दे रहा है मगर दबंगों के साथ सांठगाठ कर थानाध्यक्ष पूरे मामले पर ही लीपापोती कर अभियुक्तों के गुनाहों पर पूरी तरह पर्दा डाल दिया है व उनके पूरी तरह से संरक्षणकर्ता बन गए हैं।

जानिये कैसे बरसठी थानाध्यक्ष व उसके अन्य कर्मचारी भू-माफियाओं से सांठगाठ कर पूरे मामले को भटकाकर सीएम कार्यालय को धोखा दे रहे हैं

     ज्ञात हो कि राजकुमारी देवी पत्नी डॉ रमाकांत गुप्त ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर 8-3-2021  प्रार्थना पत्र दिया था जिसका पंजीकरण क्रमांक 40019421012057 था, उपरोक्त प्रार्थना पत्र पर बरसठी थानाध्यक्ष  ने पूरी तरह मामले को भटकाते हुए कोई कार्यवाही नहीं कि और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के आफिस के आंखों में धूल झोंकते हुए किसी दूसरे गॉंव की राजकुमारी नाम की महिला का रिपोर्ट लगा दिया उस रिपोर्ट में जांचकर्ता अधिकारी एसएसआई सदानंद राय हैं व उपरोक्त रिपोर्ट पिछले साल 2020 का है जिसके कारण पूरा मुख्यमंत्री कार्यालय पूरी तरह गुमराह हो गया और बरसठी का थानाध्क्ष मुख्यमंत्री कार्यालय को धोखा देने में पूरी तरह सफल हो गया।

     बरसठी थानाध्यक्ष श्यामदास वर्मा (Shyam Das Verma) की ऐसी हरकत से ग्राम परियत की राजकुमारी देवी आश्चर्यचकित हो गईं ऐसे में एक बार फिर से  राजकुमारी देवी  ने दिनांक: 23: 03: 2021 जनसुनवाई पोर्टल पर पुन: मुख्यमंत्री को विनम्रता पूर्वक लिखकर बताया  जिसका पंजीकरण क्रमांक : 40019421015210 है कि महोदय बरसठी पुलिस ने जो रिपोर्ट लगाई है वो हमारी रिपोर्ट नहीं है फिर भी बरसठी थाना के सर पर जूं तक नहीं रेंगा और माफियाओं से सांठगांठ वाले एसओ ने  पुन: वही पुरानी रिपोर्ट दोबारा लगाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उनके कार्यालय व सचिव आदि को पुन: बुरी तरह से दिग्भ्रमित कर दिया। उपरोक्त पत्र में राजकुमारी देवी पत्नी डॉ रमाकांत गुप्ता ने लिखा कि श्रीमान जी वो रिपोर्ट हमारे शिकायत से पूरी तर अलग है, मात्र मेरा नाम मिलता है ।


ग्राम परियत, जिला: जौनपुर उप्र की राजकुमारी देवी का पहचान पत्र                              :                               


                                                                                                   :             बरसठी थानाध्यक्ष की फ्राड रिपोर्ट

















                  

         राजकुमारी देवी  के बारे में  उनका नाम राजकुमारी है  और पुलिस की रिपोर्ट में भी नाम राजकुमारी है किंतु शिकायतकर्ता राजकुमारी देवी के पति का नाम रमाकांत गुप्त है जबकि बरसठी पुलिस रिपोर्ट में पति का नाम: स्वर्गीय बाबुल नाथ गौतम है और राजकुमारी देवी का ग्राम परियत है तो बरसठी पुलिस की रिपोर्ट में ग्राम: पठखौली आलम गंज है जबकि राजकुमारी जी का प्रार्थना पत्र दिनांक 8-3-2021 को दिया जिसका पंजीकरण क्रमांक 40019421012057 है तो वहीं बरसठी पुलिस रिपोर्ट में पंजीकरण क्रमांक : -------------5116 है  वहीं राजकुमारी देवी पत्नी डॉ रमाकांत की पहली शिकायत दिनांक : 8-3-2021 को किया व दूसरी शिकायत दिनांक: 23: 03: 2021 को किया। बरसठी पुलिस रिपोर्ट की निस्तारण तिथि : 14/10/2020 है, जो कि पूरी तरह बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है।

          उपरोक्त विवरणों व प्रमाणों से यह सिद्ध होता है कि बरसठी पुलिस के अधिकारी जानबूझकर परियत निवासी राजकुमारी जी के प्रार्थनापत्र के बारे में मुख्यमंत्री, उनके कार्यालय व उनके सचिव आदि को दबंग भू-माफियाओं से बुरी तरह से सांठगाठ कर पूरी तरह  गुमराह किया है क्योंकि गलती एक बार हो सकती है किंतु दोबारा पुन: वहीं रिपोर्ट लगाना पूरी तरह से एक अपराध हो जाता है जो यह सिद्ध करता है कि पुलिस उपरोक्त अभियुक्तों से पूरी तरह मिलकर गंभीर अपराध कर रही है जो कि कानूनी भाषा में पूरी तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से की गई चार सौ बीसी है (420) है।

इस उपरोक्त मामले पर जौनपुर सीविल कोर्ट के अधिवक्ता जगदीश त्रिपाठी का कहना है कि ये सरासर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ विश्वासघात है और एक तरह का अपराध है जिसे कानून की भाषा में चार सौ बीस कहते हैं, नि:संदेह बरसठी थाना का एसओ दंडित किये जाने वाला अपराध किया है।

          जबकि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह का उपरोक्त थानाध्यक्ष के चार सौ बीसी वाले मामले पर कहना है कि अविलंब ऐसे मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज या किसी इंटेलिजेंस एजेंसी से करवाई जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि बरसठी थानाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के साथ ऐसा फ्राड क्यों किया और इस तरह के फ्राड करने के लिए विपक्षी से कितने रूपये खाए।

          वहीं हिंदू महासभा के अध्यक्ष पंडित बाबा नंद किशोर का कहना है कि ऐसे थानाध्यक्ष जांच को मूल विषय वस्तु से भटका देना चाहते हैं। बरसठी थानाध्यक्ष का यह कुकृत्य अक्षम्य है। पीड़ित राजकुमारी देवी व उनके पति जिनकी उम्र करीब चौहत्तर-पचहत्तर है, ऐसे नागरिकों के साथ इस तरह का बर्ताव लज्जाजनक है क्योंकि बरसठी थानाध्यक्ष श्याम दास वर्मा राजकुमारी देवी व उनके पति को मानसिक रूप से उत्पीड़ित कर रहा है, इस तहर के नीच कार्य करने वाले अधिकारी की वर्दी, बेल्ट और रिवाल्वर सरकार को छीन लेनी चाहिए। हिंदू महासभा अध्यक्ष ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ब्रिटेन जैसे देश की तरह क्षेत्रफल वाला है और ऐसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ फ्राड करना बहुत बड़ा मामला बनता है। अगर बरसठी थानाध्यक्ष के विरूद्ध अविलंब कार्यवाही नहीं हुई तो हम बहुत बड़ा आंदोलन दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश में चलाएंगे जिसमें लखनऊ व दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।


   : सदाशिव तिवारी, उप्र सचिव हिन्दू एकता आंदोलन पार्टी

और, हिंदू एकता आंदोलन पार्टी के उत्तर प्रदेश सचिव सदाशिव तिवारी का उपरोक्त भ्रष्ट बरसठी थानाध्यक्ष के बारे में कहना है कि जब से ये थानाध्यक्ष आया है क्षेत्र की जनता इससे बहुत पीड़ित है, हम चाहते हैं कि अतिशीघ्र इस एसओ के विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही किया जाए वर्ना हम इस थानाध्यक्ष को हटाने के लिए प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाने के लिए बाध्य हो जाएंगे।

     भारत वार्ता के सूत्रों से मिली समाचार के अनुसार इस दुष्ट व भ्रष्ट 420 थानाध्यक्ष से मुख्यमंत्री योगी जी के समर्थकों में भारी नाराजगी है क्योंकि वे इसे मुख्यमंत्री के प्रति किया हुआ बहुत बड़ा दु:साहसिक अपराध मानते हैं जिसके लिए अत्यंत कठोर से कठोर सजा भी कम हैं।

     वहीं, दिल्ली के कई एनजीओ उपरोक्त एसओ के कुकृत्य से दु:खी हैं व समय रहते उपरोक्त एसओ पर कार्यवाही नहीं हुई तो वो भी इसे हटाने के लिए आंदोलन तक छेड़ने को तैयार हैं।

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Friday, January 11, 2019

दिल्ली पुलिस के भ्रष्ट रवैये और मिली-भगत से चोरों के हौसले सातवें आसमान पर

                                                        बिंदापुर पुलिस की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से
                                                                                       भाग : 1                                                         
     उत्तम नगर ।  बिंदापुर पुलिस की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से की गई है, यह शिकायत उत्तम नगर निवासी शिल्पी जायसवाल नें  9/01/2019 को किया । सनद रहे कि उपरोक्त शिकायत उत्तम नगर में दिन-प्रतिदिन चोरी की घटनाओं में हो रहे बढ़ोत्तरी के कारण की गई है। ज्ञात हो गत दिनांक 5/1/2019  को एक चोरी की वारदात उत्तम नगर के वाणी विहार इलाके में हुआ है, यह चोरी पानी के मीटरों व मोटरों की  हुई, जिसे वाणी विहार आर-176 बिल्डिंग के पार्किंग में आधी रात के बाद चोरों नें अंजाम दिया।   मालूम हो कि दिनांक 5/1/2019 के आधी रात के बाद कोई चोर पार्किंग में घुसकर वहां की निवासी शिल्पी जायसवाल का पानी के मीटर व पानी के मोटर को चुरा लिया, उपरोक्त घटना उन्हें सुबह शोर मचने पर पता चला,और उन्होंने देखा कि उनके घर की कुंडी भी चोर नें बाहर से बंद कर दिया था जिसे पड़ोस की एक महिला नें खोला। उपरोक्त घटना सिर्फ शिल्पी के ही साथ नहीं हुई बल्कि उस बिल्डिंग में रह रहे चार अन्य लोगों के साथ भी यही हुआ यानी सब के पानी के मोटर व मीटर चोर काटकर अपने साथ ले गए। एक अनुमान के मुताबिक चोरों नें करीब वहां के रहने वाले लोगों को पचास हजार का चुना लगाया।
      उपरोक्त चोरी की घटना को  शिल्पी जायसवाल नें 6/01/2019 को  सुबह 9: 51 व 11: 02 के आस-पास 100 नंबर फोन करके पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित भी किया मगर पुलिस नें इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखलाई न ही इसकी जांच करने आई, बिंदापुर पुलिस भी इस मामले में रत्ती भर दिलचस्पी नहीं दिखलाई। वहां के आस-पास के लोगों का कहना था कि बिंदापुर पुलिस वहीं अपनी रूचि दिखाती है जहां उसे कोई फायदा होता है वर्ना उत्तम नगर के नागरिक मरे या जियें उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगता।
     इतना ही नहीं बिंदापुर पुलिस पर वाणी विहार निवासी शिल्पी  नें कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखे गए उपरोक्त शिकायत में लिखा है कि  पुलिस के लापरवाही वाले रवैये के कारण आज चोरों के हौसले सातवें आसमान पर है, अगर पुलिस उपरोक्त इलाके में ठीक से गस्त लगाती तो उत्तम नगर की जनता को इतने बुरे दिन न देखने होते।
     इतना ही नहीं शिल्पी जायवाल के  पति नें 8/01/2019 को थाना बिंदापुर में चोरी की शिकायत दर्ज करवाना चाहा तो वहां की  पुलिस नें शिकायत दर्ज करने से पूरी तरह मना कर दिया तो शिल्पी के पति नें  12:11 पर 100 नंबर पर फोन करके बिंदापुर पुलिस की शिकायत भी दर्ज करवाई।
    राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखे गये पत्र में वाणी विहार की महिला नें यह भी मांग की है कि उपरोक्त चोरी के घटना की बिंदापुर पुलिस उच्च स्तरीय जांच करे व पुलिस उन चोरों को गिरफ्तार करे जो एक गैंग बनाकर  उत्तम नगर के निवासियों के पानी के मीटर व पानी के मोटर को काटकर उठा ले जा रहे हैं, इतना ही नहीं उनके पानी के मीटर व मोटर को चोरों से  वापस दिलवाया जाए।
जो पत्र प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को लिखा गया वो इस प्रकार है:

प्रतिष्ठा में :
राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री
नई दिल्ली,
भारत   ।
विषय : बिजली का मीटर व पानी का मोटर चोर द्वारा चुराया जाना ।
महोदय,
  1. मेरा नाम शिल्पी जायसवाल है, मैं कानून व्यवस्था में आस्था रखते हुए अपने निवास आर-176, वाणी विहार, उत्तम नगर, नई दिल्ली, 110059 में शांति पूर्वक रहती हूं व मेरे पति कई वर्षों से दिल्ली में पत्रकारिता करते हैं।
  2. श्रीमान् जी दिनांक 5/1/2019 के आधी रात के बाद कोई चोर पार्किंग में घुसकर मेरे पानी के मीटर व पानी के मोटर को चुरा लिया, उपरोक्त घटना मुझेसुबह शोर मचने पर पता चला,और देखा कि मेरे घर की कुंडी भी चोर नें बाहर से बंद कर दिया था जिसे पड़ोस की एक महिला नें खोला।
  3. महोदय, मैंने 6/01/2019 को सुबह 9: 51 व 11: 02 पर 100 नंबर फोन करके पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित भी किया मगर पुलिस नें इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखलाई न ही इसकी जांच करने आई।
  4. उत्तम नगर में पुलिस के लापरवाही वाले रवैये के कारण आज चोरों के हौसले बुलंद है, अगर आज पुलिस उपरोक्त इलाके में ठीक से गस्त लगाती तो उत्तम नगर की जनता को ये बुरे दिन न देखने होते।
  5. प्रार्थिनी के पति 8/01/2019 को थाना बिंदापुर में शिकायत प्रति वहां थाने में देने लगे तो वहां की पुलिस नें लेने से मना कर दिया जिसकी शिकायत मेरे पति नें12:11 पर 100 नंबर पर फोन करके किया।
  6. महोदय मेरी मांग है कि उपरोक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कर पुलिस उन चोरों को गिरफ्तार करे और मेरे पानी के मीटर व पानी के मोटर को वापस दिलवाए।
                                                
               दिनांक : 9/01/2019                                                          शिल्पी जायसवाल
                                                                                       आर-176, वाणी विहार,
                                                                                       उत्तम नगर, नई दिल्ली,
                                                                                      110059
Request/Grievance Registration Number is : PRSEC/E/2019/00547           
Registration Number is : PMOPG/E/2019/0014369                                    

ध्यान दें: सभी चित्र डेमाे व गूगल से साभार लिये गये हैं।

दिल्ली पुलिस के भ्रष्ट रवैये और मिली-भगत से चोरों के हौसले सातवें आसमान पर

                                                        बिंदापुर पुलिस की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से
                                                                                       भाग : 1                                                         
     उत्तम नगर ।  बिंदापुर पुलिस की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से की गई है, यह शिकायत उत्तम नगर निवासी शिल्पी जायसवाल नें  9/01/2019 को किया । सनद रहे कि उपरोक्त शिकायत उत्तम नगर में दिन-प्रतिदिन चोरी की घटनाओं में हो रहे बढ़ोत्तरी के कारण की गई है। ज्ञात हो गत दिनांक 5/1/2019  को एक चोरी की वारदात उत्तम नगर के वाणी विहार इलाके में हुआ है, यह चोरी पानी के मीटरों व मोटरों की  हुई, जिसे वाणी विहार आर-176 बिल्डिंग के पार्किंग में आधी रात के बाद चोरों नें अंजाम दिया।   मालूम हो कि दिनांक 5/1/2019 के आधी रात के बाद कोई चोर पार्किंग में घुसकर वहां की निवासी शिल्पी जायसवाल का पानी के मीटर व पानी के मोटर को चुरा लिया, उपरोक्त घटना उन्हें सुबह शोर मचने पर पता चला,और उन्होंने देखा कि उनके घर की कुंडी भी चोर नें बाहर से बंद कर दिया था जिसे पड़ोस की एक महिला नें खोला। उपरोक्त घटना सिर्फ शिल्पी के ही साथ नहीं हुई बल्कि उस बिल्डिंग में रह रहे चार अन्य लोगों के साथ भी यही हुआ यानी सब के पानी के मोटर व मीटर चोर काटकर अपने साथ ले गए। एक अनुमान के मुताबिक चोरों नें करीब वहां के रहने वाले लोगों को पचास हजार का चुना लगाया।
      उपरोक्त चोरी की घटना को  शिल्पी जायसवाल नें 6/01/2019 को  सुबह 9: 51 व 11: 02 के आस-पास 100 नंबर फोन करके पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित भी किया मगर पुलिस नें इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखलाई न ही इसकी जांच करने आई, बिंदापुर पुलिस भी इस मामले में रत्ती भर दिलचस्पी नहीं दिखलाई। वहां के आस-पास के लोगों का कहना था कि बिंदापुर पुलिस वहीं अपनी रूचि दिखाती है जहां उसे कोई फायदा होता है वर्ना उत्तम नगर के नागरिक मरे या जियें उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगता।
     इतना ही नहीं बिंदापुर पुलिस पर वाणी विहार निवासी शिल्पी  नें कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखे गए उपरोक्त शिकायत में लिखा है कि  पुलिस के लापरवाही वाले रवैये के कारण आज चोरों के हौसले सातवें आसमान पर है, अगर पुलिस उपरोक्त इलाके में ठीक से गस्त लगाती तो उत्तम नगर की जनता को इतने बुरे दिन न देखने होते।
     इतना ही नहीं शिल्पी जायवाल के  पति नें 8/01/2019 को थाना बिंदापुर में चोरी की शिकायत दर्ज करवाना चाहा तो वहां की  पुलिस नें शिकायत दर्ज करने से पूरी तरह मना कर दिया तो शिल्पी के पति नें  12:11 पर 100 नंबर पर फोन करके बिंदापुर पुलिस की शिकायत भी दर्ज करवाई।
    राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखे गये पत्र में वाणी विहार की महिला नें यह भी मांग की है कि उपरोक्त चोरी के घटना की बिंदापुर पुलिस उच्च स्तरीय जांच करे व पुलिस उन चोरों को गिरफ्तार करे जो एक गैंग बनाकर  उत्तम नगर के निवासियों के पानी के मीटर व पानी के मोटर को काटकर उठा ले जा रहे हैं, इतना ही नहीं उनके पानी के मीटर व मोटर को चोरों से  वापस दिलवाया जाए।
जो पत्र प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को लिखा गया वो इस प्रकार है:

प्रतिष्ठा में :
राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री
नई दिल्ली,
भारत   ।
विषय : बिजली का मीटर व पानी का मोटर चोर द्वारा चुराया जाना ।
महोदय,
  1. मेरा नाम शिल्पी जायसवाल है, मैं कानून व्यवस्था में आस्था रखते हुए अपने निवास आर-176, वाणी विहार, उत्तम नगर, नई दिल्ली, 110059 में शांति पूर्वक रहती हूं व मेरे पति कई वर्षों से दिल्ली में पत्रकारिता करते हैं।
  2. श्रीमान् जी दिनांक 5/1/2019 के आधी रात के बाद कोई चोर पार्किंग में घुसकर मेरे पानी के मीटर व पानी के मोटर को चुरा लिया, उपरोक्त घटना मुझेसुबह शोर मचने पर पता चला,और देखा कि मेरे घर की कुंडी भी चोर नें बाहर से बंद कर दिया था जिसे पड़ोस की एक महिला नें खोला।
  3. महोदय, मैंने 6/01/2019 को सुबह 9: 51 व 11: 02 पर 100 नंबर फोन करके पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित भी किया मगर पुलिस नें इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखलाई न ही इसकी जांच करने आई।
  4. उत्तम नगर में पुलिस के लापरवाही वाले रवैये के कारण आज चोरों के हौसले बुलंद है, अगर आज पुलिस उपरोक्त इलाके में ठीक से गस्त लगाती तो उत्तम नगर की जनता को ये बुरे दिन न देखने होते।
  5. प्रार्थिनी के पति 8/01/2019 को थाना बिंदापुर में शिकायत प्रति वहां थाने में देने लगे तो वहां की पुलिस नें लेने से मना कर दिया जिसकी शिकायत मेरे पति नें12:11 पर 100 नंबर पर फोन करके किया।
  6. महोदय मेरी मांग है कि उपरोक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कर पुलिस उन चोरों को गिरफ्तार करे और मेरे पानी के मीटर व पानी के मोटर को वापस दिलवाए।
                                                
               दिनांक : 9/01/2019                                                          शिल्पी जायसवाल
                                                                                       आर-176, वाणी विहार,
                                                                                       उत्तम नगर, नई दिल्ली,
                                                                                      110059
Request/Grievance Registration Number is : PRSEC/E/2019/00547           
Registration Number is : PMOPG/E/2019/0014369                                    

ध्यान दें: सभी चित्र डेमाे व गूगल से साभार लिये गये हैं।

Friday, March 2, 2018

हिन्‍दू महासभा नें भारतीय निर्वाचन आयोग पर वीर सावरकर की राजनीतिक विरासत बचाने का संकल्‍प लिया



नई दिल्‍ली, हिन्‍दू महासभा मुक्ति आंदोलन समिति के तत्‍वाधान में हिन्‍दू महासभा कार्यकर्ताओं नें वीर सावरकर की पुण्‍यतिथि 26 फरवरी, 2018 को वीर सावरकर की राजनीतिक विरासत को बचाने का संकल्‍प लिया। हिन्‍दू महासभा कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे भारतीय निर्वाचन आयोग पर एकत्र हुए और वीर सावरकर के चित्र पर पुष्‍पांजली अर्पित कर श्रद्धांजली अर्पित करने के बाद अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और आयोग के कार्यालय का घेराव किया।



     आंदोलन समिति के महांमंत्री रविन्‍द्र कुमार द्विदी नें  अपने संबोधन में कहा कि वीर सावरकर नें हिन्‍दू महासभा के माध्‍यम से ''राजनीति का हिन्‍दूकरण और हिन्‍दुओं का सैनिकीकरण'' तथा भारत को ''हिन्‍दू राष्‍ट्र'' बनाने का उद्घोष किया। वीर सावरकर का यह उद्घोष आज भी अधूरा है, जिसे हिन्‍दू महासभा ही पूरा कर सकती है। रविन्‍द्र द्विवेदी नें कहा कि हिन्‍दू महासभा 12 साल से नेतृत्‍व विवाद और गुटबाजी में उलझकर न केवल वीर सावरकर की नीतियों से भटकने लगी है, वरन अभाहिम का राजनीतिक अस्तित्‍व भी खतरे में पड़ गया है। वीर सावरकर की राजनीति क विरासत ''अखिल भारत महासभा'' के राजनैतिक अस्तित्‍व को बचाने के लिए रविन्‍द्र कुमार द्विवेदी नें  भारतीय निर्वाचन आयोग से प्रत्‍यक्ष हस्‍तक्षेप कर अभाहिम को गुटबाजी से मुक्‍त कराने और चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्‍त कर पर्यवेक्षक के  मार्गदर्शन में राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के संवैधानिक चुनाव की प्रक्रिया आरंभ करनेकी मांग की।




     आंदोलन समिति के अध्‍यक्ष ने अपने अध्‍यक्षीय संबोधन में कहा कि गुटबाजी के चलते स्‍वामी चक्रपाणी और चंद्र प्रकाश कौशिक ने हिन्‍दू महासभा भवन पर अनधिकृत रूप से अधिकार करके भवन को आर्थिक भ्रष्‍टाचार एवं आपराधिक गतिविधियों का अड्डा बना लिया है। उन्‍होंने दोनों के विरूद्ध प्राथमिक दर्ज कर गिरफ्तार करने और हिन्‍दू महासभा भवन को सरकारी रिसीवर के सुपुर्द करने की मांग की। उन्‍होंने कहा कि 16 मार्च, 2012 को दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय ने किसी को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष नहीं माना और भारतीय निर्वाचन आयोग में भी किसी का नाम दर्ज नही है। इसके बावजूद चक्रपाणी और चन्‍द्र प्रकाश कौशिक स्‍वघोषित अध्‍यक्ष बनकर उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय की अवमानना का अपराध कर रहे हैं।


     जनसंपर्क प्रभारी नें प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुटबाजी के चलते हिन्‍दू महासभा  निष्‍ठावान कार्यकर्ता  अन्‍य हिन्‍दू संगठनों में जाने का विकल्‍प तलाश रहे हैं। हिन्‍दू महासभा को सशक्‍त और उर्जावान बनाने के लिए आंदोलन समिति का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों को हरियाणा प्रदेश के अध्‍यक्ष, दिल्‍ली प्रदेश अध्‍यक्ष, हिन्‍दू स्‍वराज्‍य सेना दिल्‍ली के अध्‍यक्ष सहित विभिन्‍न प्रांतों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।




     प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमण्‍डल  आंदोलन समितिके अध्‍यक्ष के नेतृत्‍व में भारतीय निर्वाचन आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों से मिला और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। आयोग के अधिकारियों नें ज्ञापन में उल्‍लिखित मांगों पर सकारात्‍मक निर्णय लेकर हिन्‍दू महासभा के राजनैतिक अस्‍तित्‍व को बचाने आश्‍वासन दिया। प्रतिनिधि मण्‍डल नें  मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

Monday, May 9, 2016

अवैध अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री मौन


उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेश हैं कि तालाबों, कुओं पर किसी भी व्यक्ति का अतिक्रमण हो, उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाये। चाहे यह अतिक्रमण कितना भी पुराना क्यों न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए  शासन और प्रशासन की अनदेखी के चलते जलस्रोतों को बर्बाद होते देख वर्ष 2001 में एक पीआईएल 4787/2001 उच्चतम न्यायालय में दाखिल की गई। दाखिल पीआईएल की गम्भीरता को देखते हुए 25 जुलाई 2001 को सैयद शाह कादरी एवं एसएन फूकन न्यायाधीशों ने संयुक्त रूप से आदेश दिया कि तालाबों, पोखरों, बावडि़यों तथा कुओं का न तो स्वरूप बदला जा सकता है और न ही किसी तरह का अतिक्रमण किया जा सकता है। तालाबों, पोखरों, बावडि़यों तथा कुओं पर जो भी अतिक्रमण हो उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाये।

सनद रहे कि प्रदेश के शहरी एवं ग्रॉमीण क्षेत्रों में अनेकों स्थानों पर भूजल की उपलब्धता में कमीं आने के साथ ही भूजल स्तर में तेजी से गिरावट आई और भूगर्भशास्त्रियों ने आशंका जाहिर की कि यदि यही हालात रहे तो आगामी वर्षों में पानी का भयंकर संकट देश के समक्ष खड़ा हो जाएगा तब इसी को ध्यान रखते हुए 18 फरवरी 2013 को प्रदेश में उत्तर प्रदेश भूजल प्रबन्धन, वर्षाजल संचयन एवं भूजल रिचार्ज हेतु समग्र नीतिलागू की गई। इस समग्र नीति को क्रियान्वयन को कई विभागों को सौंपा गया।

इतना ही नहीं भूजल की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्राकृतिक जलस्रोतों तालाबों, पोखरों तथा कुओं को संरक्षित करने के लिये 1 अप्रैल 2015 को मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान योजनाको लागू किया है। जिसे कड़ाई से पालन करनें पर पूरी तरह जोर दिया है। लेकिन शासन-प्रशासन ने उच्चतम न्यायालय के आदेशों को दरकिनार करते हुए जलस्रोतों पर कोई भी ध्यान नहीं दिया।

क्या है यहाँ के अतिक्रमण का मामला

भूमाफियाओं द्वारा भूजल से संबंधित अतिक्रमण का मामला ग्रॉम/पोस्ट-परियत, क्षेत्र-बरसठी, तहसील-मडि़याहूँ, जिला-जौनपुर, उत्तर प्रदेश का एक नया मामला संज्ञान में आया है। यहाँ के सरकारी अधिकारियों के सरपरस्ती में एक कुँआ जिसे ग्रॉमवासी कोतवाली का ईनारा कहते हैं जो पखण्डी सोनार व मल्लर तिवारी के घर के पास में है, का तीन ओर से जमीन के लालच में एक दबंग महिला विजय लक्ष्मी व उसके पति सुरेश वकील (उमर)  नें बुरी तरह अतिक्रमण कर लिया है। ये कुआँ गाँव परियत का एक ऐसा पुराना कुआँ है जहाँ से गाँव के किसान अपने खेतों की सिंचाई किया करते थे, मगर भूमाफिया दबंगों के कारण आज यह कुआँ अपने दुर्भाग्य और दुर्दिन पर जार-जार से रो रहा है। सनद रहे कि उपरोक्त दबंग व भूमाफिया विजय लक्ष्मी एवं उसके पति सुरेश वकील (उमर) दूसरे के जमीन को कब्जाने की नियति रखने वाले लोभी प्रकृति के हैं  जिनकी कुदृष्टि दूसरों के जमीन पर हमेंशा लगी रहती है।

 ज्ञात रहे कि उपरोक्त कुँआ को पूर्व, पश्चिम और उत्तर की ओर से पूरी तरह भूमाफियाओं नें घेर लिया है। इसमें दक्षिण की ओर से एक लिंटर पड़ा है। भूमाफियाओं नें इसे सिर्फ आगे की ओर कुआँ  तक जानें के लिए एक छोटा सा सँकरा रास्ता छोड़ा है। गाँव के सारे ग्रॉमवासी सब कुछ जानते हुए उपरोक्त भूमाफियाओं के दबंगई के डर से मौन साध लिए हैं, गाँव वाले इनके आगे बुरी तरह सहमें से रहते हैं। ये माफिया खुलेआम कहते हैं कि कोई हमारा कुछ बिगाड़ नहीं सकता जिसको मेरी शिकायत जहाँ भी करनी हो कर दे। सपा के कुछ छुटभैया नेता परोक्ष रूप से इनके सहायक हैं जिनके दम पर ये भूमाफिया अपने घिनौने काम को अंजाम देते हैं। सनद रहे कि जब कुँआ के अतिक्रमण की जानकारी  पहली बार सरकारी अधिकारियों को मिली तो ऑनन-फॉनन में इस अतिक्रमण को गिरा दिया गया, मगर पैसे और पावर के दम पर ये दबंग फिर इस कुँआ का बुरी तरह अतिक्रमण करने में सफल हो गए।

आज आवश्यकता है इस कोतवाली के कुँआ का अतिक्रमण पूरी तरह से छुड़ाया जाए व माननीय मुख्यमंत्री के आदेशों का यथाशीघ्र पालन कराया जाए। ग्रॉम परियत के सारे ग्रॉमवासी , आस-पास के किसान व पथिक इस कुँआ के अतिक्रमण से छुटकारा चाहते हैं।

आंदोलन की तैयारी   

शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण आज तालाब और कुँओं का न तो ठीक से रख-रखाव हो रहा है  न ही अवैध अतिक्रमण से बचाव । इसी को ध्यान में रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व राष्ट्रवादी नेता पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र व डॉ0 संतोष  राय नें पूरे देश में एक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है, इसके लिए जहाँ कहीं भी कुँआ व तालाब का अतिक्रमण है उसे हटवाने के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंग चाहे उसके लिए किसी भी उन्हें किसी भी सीमा तक जाना हो। और, इसकी शुरूआत उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव परियत से कर दी है। ज्ञात रहे कि यहाँ के कुँआ का अतिक्रमण हटाने के लिए पं0 बाबा नंद किशोर मिश्र नें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को 15/19 अप्रैल, 2016 को एक पत्र भी लिखा है। अब देखना है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस पर क्या कार्यवाही करते हैं।



source : bharat varta.in


      अवैध अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री से शिकायत

अवैध अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री से शिकायत

अवैध अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री मौन

अवैध अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री मौन


अवैध अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री मौन


http://drsantoshrai.blogspot.in/2016/05/blog-post.html

Friday, March 25, 2016

भारत के सबसे बड़े गद्दार गाँधी और नेहरू थे - डॉ0 संतोष राय

मूर्ख  कांग्रेसियों को कन्हैया कुमार मे शहीद भगत सिंह  दिखता है... और वीर सावरकर में  गद्दार


''जहाँ  इंदिरा गांधी ने सावरकर को महान स्वतंत्रता सेनानी बताकर उनके सम्मान मे डाक टिकिट जारी किया था वहीं आज के ओछी मानसिकता वाले  कांग्रेसी महान स्‍वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर  को गद्दार बता रही है। एक स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ दूसरे स्वतंत्रता सेनानी विनायक वीर दामोदर सावरकर का  अपमान .. .ये सिर्फ नीच कांग्रेसी ही कर सकते  हैं |'' उपरोक्‍त बातें अखिल भारत हिन्‍दू महासभा के वरिष्‍ठ नेता व फिल्‍म निर्माता डॉ0 संतोष राय नें आज एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्‍यम से कही । ज्ञात हो कि कांग्रेस ने बुधवार को भगत सिंह के शहीदी दिवस पर एक ट्वीट किया। इसमें वीर सावरकर को गद्दारऔर भगत सिंह को शहीदबताया गया है। यह ट्वीट कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @INCIndia पर किया गया।
 अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डॉ0 संतोष राय नें कहा कि सच्‍चाई यही है कि  विनायक दामोदर सावरकर नेहरु की आँखों में किसी रेत के कण की तरह चुभते थे ..इसलिए नेहरु के इशारे पर कांग्रेस उन्हें आज तक बदनाम करती आ रही है । वीर सावरकर विश्व के पहले क्रांतिकारी और भारत के पहले राष्ट्रभक्त थे जिन्हें अंग्रेजी सरकार ने दो आजन्म कारावास की सजा सुनाई थी…. सावरकर जी नें दो जन्म कारावास की सजा सुनते ही हँसकर बोले- चलो, ईसाई सत्ता ने हिन्दू धर्म के पुनर्जन्म सिद्धांत को मान लिया। इतना ही नहीं उन्हें रोज दस किलो तेल भी निकलना होता था,  बैल की जगह खुद सावरकर अपने हाथो से कोल्हू चालाकर तेल निकालते थे ।
आगे डॉ0 संतोष नें बताया कि वीर सावरकर पहले ऐसे लेखक थे जिन्होंने अंग्रेजों द्वारा ग़दर कहे जाने वाले संघर्ष को ‘1857 का स्वातंत्र्य समरनामक ग्रन्थ लिखकर सिद्ध कर दिया…. सावरकर पहले ऐसे क्रांतिकारी लेखक थे जिनके लिखे ‘1857 का स्वातंत्र्य समरपुस्तक पर ब्रिटिश संसद ने प्रकाशित होने से पहले प्रतिबन्ध लगाया था… ‘1857 का स्वातंत्र्य समरविदेशों में छापा गया और भारत में भगत सिंह ने इसे छपवाया था जिसकी एक एक प्रति तीन-तीन सौ रूपये में बिकी थीभारतीय क्रांतिकारियों के लिए यह पवित्र गीता थीपुलिस छापों में देशभक्तों के घरों में यही पुस्तक मिलती थी।  
अपनी बात में आगे श्री राय नें कहा कि वीर सावरकर पहले विद्वान लेखक थे जिन्होंने हिन्दू को परिभाषित करते हुए लिखा कि-
आसिन्धु सिन्धुपर्यन्ता यस्य भारत भूमिका.
पितृभू: पुण्यभूश्चैव स वै हिन्दुरितीस्मृतः.
अर्थात समुद्र से हिमालय तक भारत भूमि जिसकी पितृभू है जिसके पूर्वज यहीं पैदा हुए हैं व यही पुण्य भू है, जिसके तीर्थ भारत भूमि में ही हैं, वही हिन्दू है..
हिन्‍दू महासभा के वरिष्‍ठ नेता नें कहा कि वीर सावरकर प्रथम राष्ट्रभक्त थे जिन्हें अंग्रेजी सत्ता ने 30 वर्षों तक जेलों में रखा तथा आजादी के बाद 1948 में नेहरु सरकार ने गाँधी हत्या की आड़ में लाल किले में बंद रखा पर न्यायालय द्वारा आरोप झूठे पाए जाने के बाद ससम्मान रिहा कर दियादेशी-विदेशी दोनों सरकारों को उनके राष्ट्रवादी विचारों से डर लगता था
़श्री राय नें अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब वीर सावरकर की धर्मपत्नी बेहद गम्भीर बीमार थी तब उन्होंने पैरोल के लिए आवेदन दिया .. अंग्रेजी कानून के मुताबिक जब भी कोई सेनानी पेरोल के लिए आवेदन देता था तो उसे अपने अच्छे चाल-चलन की गारंटी देनी होती थी .. ये प्रथा आज भी है ... लेकिन धूर्त इतिहासकार सिर्फ उनके पेरोल आवेदन को ही दिखाकर कहते है की सावरकर डर गये थे .. जबकि सच्चाई ये है की जब जेलर ने उन्हें कहा की मजिस्ट्रेट के सामने यूनियन जैक [अंग्रेजी झंडा] के सामने शपथ लेनी होगी .. तो उन्होंने साफ़ मना कर दिया और कहा की भले ही मैं  अपनी मरती पत्नी को न देख सकूं ..लेकिन मै अंग्रेजी झंडे की शपथ नही ले सकता | और उन्होंने अपनी पेरोल का आवेदन वापस ले लिया | इतना ही नहीं वीर सावरकर ऐसे पहले बैरिस्टर थे जिन्होंने 1909 में ब्रिटेन में ग्रेज-इन परीक्षा पास करने के बाद ब्रिटेन के राजा के प्रति वफादार होने की शपथ नही लीइस कारण उन्हें बैरिस्टर होने की उपाधि का पत्र कभी नही दिया गया

गोडसे फिल्‍म निर्माता डॉ0 संतोष राय नें कांग्रेस की कड़े शब्‍दों में भर्त्‍सना करते हुए कहा कि जेल में सावरकर ने दिवालों  पर नाख़ून और कोयले से कई किताबे लिखी ..जो देश आजाद होने के बाद छापी गई । सावरकर कांग्रेस की दृष्टि में इसलिए खलनायक है क्योंकि उन्होंने हिन्दू राष्ट्रवाद को जन्म दिया था .. जबकि कांग्रेस को मुस्लिम राष्ट्रवाद पसंद था। इतना ही नहीं जब भारत छोड़ो आन्दोलन अपने चरम पर था, लोग अंग्रेजों  के खिलाफ संगठित होकर विद्रोह करने लगे थे .. तब अचानक गाँधी ने चौरी-चौरा कांड का बहाना बनाकर आन्दोलन को वापस क्यों ले लिया और तो और नेताजी सुभाषचंद्र बोस नें  जब सशस्त्र हमला किया अंग्रेजों के ऊपर तब गाँधी ने लोगों  को नेताजी के आंदोलन में शामिल न होने के लिए अपील क्यों किया और उस समय नेहरू जी  का वक्‍तव्‍य था कि यदि सुभाष चंद बोस यदि भारत की धरती पर कदम रखे तो मैं तलवार लेकर उन पर सबसे पहले हमला करूँगा  ???  
आगे कांग्रेस पर डॉ0 राय नें करारा प्रहार करते हुए कहा कि मोहन दास करमचंद गाँधी सरदार भगत सिंह के परोक्ष रूप से हंता (हत्‍यारे)  थे क्‍योंकि अहिंसा नीति के पोषक गाँधी  जी  नें अमर  हुतात्‍मा सरदार भगतसिंह के  फांसी वाले मामले पर कहा था, ‘‘हमें ब्रिटेन के विनाश के बदले अपनी आजादी नहीं चाहिए ’’ और आगे कहा, ‘‘भगतसिंह की पूजा से देश को बहुत हानि हुई और हो रही है, फाँसी शीघ्र दे दी जाए ताकि 30 मार्च से करांची में होने वाले कांग्रेस अधिवेशन में कोई बाधा न आवे।
डॉ0 राय नें मोहनदास करम चंद गाँधी  पर मुस्लिम कट्टरवाद का बढ़ावा देनें का आरोप लगाते हुए कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना आदि राष्ट्रवादी मुस्लिम नेताओं के विरोध को अनदेखा करते हुए 1921 में गान्धी ने खिलाफ़त आन्दोलन को समर्थन देने की घोषणा की। वहीं केरल के मोपला में मुसलमानों द्वारा वहाँ के हिन्दुओं से  मारकाट की जिसमें लगभग 1500 हिन्दू  मारे गए व 2000 से अधिक को मुसलमान बना लिया गया। गाँधी जी नें  इस हिंसा का विरोध नहीं किया वरन् खुदा के बहादुर बन्दों की बहादुरी के रूप में वर्णन किया जो अत्‍यंत निंदनीय कृत्‍य था । इतना ही नहीं देश का बँटवारा कराने वाले को मोहम्मद अली जिन्ना को कायदे-आज़म की उपाधि दी।
हिन्‍दू महासभा के वरिष्‍ठ नेता डॉ0 राय नें आगे कहा कि गाँधी नें भारत माता के वीर सपूतों का भी घोर अपमान किया, उन्‍होंने अनेंक अवसरों पर छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप व गुरू गोविन्द सिंह जी को पथभ्रष्ट देशभक्त कहा।
फिल्‍म निर्माता डॉ0 संतोष राय को देश के विभाजन के लिए प्रमुख रूप से गाँधी को  जिम्‍मेदार बताते  हुए कहा कि 14-15 जून, 1947 को दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कॉंग्रेस समिति की बैठक में भारत विभाजन का प्रस्ताव अस्वीकृत होने वाला था, किन्तु गान्धी ने वहाँ पहुंच प्रस्ताव का समर्थन करवाया। यह भी तब जबकि उन्होंने स्वयं ही यह कहा था कि देश का विभाजन उनकी लाश पर होगा। फिर भी देश का  विभाजन करने वाले को इस देश के वासी राष्‍ट्रपिता कहते हैं, इससे बड़ा देश का दुर्भाग्‍य क्‍या हो सकता है ? इतना ही नहीं गाँधी नें गौ हत्या पर प्रतिबंध  लगाने का पूरजोर विरोध किया ।  
हिन्‍दू महासभा के वरिष्‍ठ नेता श्री संतोष राय नें गाँधी के अहिंसा को ढोंग बताते हुए कहा कि  1939 के द्वितीय विश्व युद्ध में गाँधी ने भारतीय सैनिको को ब्रिटेन के  लिए हथियार उठा कर लड़ने के लिए प्रेरित किया  जबकि वो हमेंशा अहिंसा की पीपनी बजाते रहते थे वहीं गाँधी और नेहरू दोनों पेशे से वकील थे तो क्‍या भगत सिंह जी का मुकदमा नहीं लड़ सकते थे । इनकी नजरों में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा भगत सिंह को फाँसी देना हिंसा नहीं थी ।  
डॉ0 राय नें गाँधी को देश के बँटवारे के लिए जिम्‍मेदार बताते हुए कहा कि देश को बँटवारे में गाँधी नें मुस्लिमों को उकसाया । धर्मनिरपेक्ष सिद्धांत के जरिये गाँधी जी का यही मुस्लिम तुष्टिकरण देश के विभाजन का भी कारण बना, जब २६ मार्च १९४० को जब मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की अवधारणा पर जोर दिया तब गाँधी जी का वक्तव्य था अन्य नागरिकों की तरह मुस्लिम को भी यह निर्धारण करने का अधिकार है कि वो अलग रह सके, हम एक संयुक्त परिवार में रह रहे हैं ( हरिजन , ६ अप्रैल १९४० ) इतना ही नहीं अगर इस देश के अधिकांश मुस्लिम यह सोचते हैं कि एक अलग देश जरूरी है और उनका हिंदुओं से कोई समानता नहीं है तो दुनिया की कोई ताक़त उनके विचार नहीं बदल सकती और इस कारण वो नए देश की मांग रखते है तो वो मानना चाहिए, हिन्दू इसका विरोध कर सकते है ( हरिजन , १८ अप्रैल १९४२ )। दूसरे शब्दों में कहें तो गाँधी जी ने मुसलामानों को पाकिस्तान बनाने के लिए प्रेरित ही किया। इस घटना के बाद वल्लभ भाई ने भी बंटवारा स्वीकार करने का फैसला किया।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डॉ0 संतोष राय ने कहा कि  ये वीर सावरकर जी ही थे जिन्होंने लन्दन के इण्डिया हाउस में अंग्रेजो के नाक के नीचे ही सेनानियों को तैयार करते थे .. मदन लाल धिंगरा जैसे शहीदों को उन्होंने ही तैयार किया था .. लन्दन में जब अंग्रेजो ने उन्हें गिरफ्तार किया तो वे पानी के जहाज  से कूदकर फरार हो गये .. और कई दिनों तक समुद्र में तैरने के बाद फ्रांस पहुंच गये ।  
फिल्‍म निर्माता राय नें बताया कि वीर सावरकर माँ भारती के पहले सपूत थे जिन्हें जीते जी और मरने के बाद भी आगे बढ़ने से रोका जाता रहा पर आश्चर्य की बात यह है कि इन सभी विरोधियों के घोर अँधेरे प्रतिरोध को  चीरकर आज वीर सावरकर के राष्ट्रवादी विचारों का सूर्य उदय हो रहा है………जिसे कांग्रेस जैसी देश की गद्दार पार्टी जिसने देश के दो टुकड़े करा दिये, नहीं रोक सकती।  
डॉ0 संतोष राय नें युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि हर युवा को भारत का स्वतंत्रता संग्राम पढ़ना चाहिए जिससे आपको विश्‍वास हो जायेगा की नेहरु और गाँधी असल में सेनानी नही बल्कि अंग्रेजों  के दलाल थे .. एक तरफ अंग्रेज सरकार स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानियों को फाँसी से लेकर कालेपानी की सजा देती थी ..लेकिन इन दोनों दलालों को कभी तीन सालो से ज्यादा जेल में नही रखा .. गाँधी को तो अंग्रेज जेल में नही बल्कि आलिशान आगा खान के पैलेस में रखते थे ...जहाँ वो सुरा और सुन्दरी का जमकर मजा ले सकते थे |
अंत में डॉ0 संतोष राय नें कहा कि जो कुछ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने युग पुरुष वीर सावरकर जी के बारे में कहा है वह सोनिया गाँधी की अज्ञानता और महामूर्खता को  दर्शाता है|   मेरी यह भी धारणा बन गई है कि कांग्रेस में अब कोई स्वाभिमानी व्यक्ति नहीं रह गया है जो ऐसी जाहिल महिला के नेतृत्व को अस्वीकार करने का साहस दिखा पाए|  १९०६-१० के समय में जब वीर सावरकर लंदन में अपने क्रन्तिकारी विद्यार्थी साथियों के साथ मिलकर हिन्दुस्थान की स्वतंत्रता के लिए रोजना जलसे जलूस कर रहे थे उस समय (जवाहर लाल नेहरु) भी वहां पढ़ रहे थे और वह इन आन्दोलनों से दूर रहकर संभवतः अपनी अंग्रेज आया के आंचल में छुपे रहते थे|
वीर विनायक दामोदर सावरकर के तप, तपष्‍या और त्‍याग के कारण इतने महान, दसियों गाँधी और जवाहर उन पर कुर्बान किये जाएं तो भी कम पड़ेंगे ।
 गाँधी नेहरु की देश को जो देन  है वह मुख्यतः यह है
१.  १९४७ में देश विभाजन
२.  कश्मीर समस्या
३.  १९६२ में चीन से लड़ाई में हिन्दुस्थान की पराजय
तभी तो जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने श्री मोहन दास करमचंद गाँधी को अंग्रेजों का एजेंट कहा है|
महान वीर सावरकर के मुकाबले में गाँधी और नेहरु का कोई वजूद ही नहीं है|

देश के बँटवारे वाले प्रमाणपत्र पर  हस्‍ताक्षर नेहरू के थे, सुभाष चंद्र बोस के जीवन को बर्बाद करने वाले नेहरू थे और चंद्रशेखर आजाद को यदि किसी नें छल से मरवाया तो वे नेहरू ही थे। इसलिए देश को आजाद देश के क्रांतिकारियों ने करवाया था न कि अंग्रेज के दो एजेंट गाँधी और नेहरू नें ।  इस मसले पर हिन्‍दू महासभा किसी भी जाँच के लिए तैयार है । हिंदू महासभा मांग करती है कि सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद से जुड़ी जितनी फाइलें हैं उसे सार्वजनिक किया जाए ।  

भारत के सबसे बड़े गद्दार गाँधी और नेहरू थे
भारत के सबसे बड़े गद्दार गाँधी और नेहरू थे
भारत के सबसे बड़े गद्दार गाँधी और नेहरू थे

भारत के सबसे बड़े गद्दार गाँधी और नेहरू थे

भारत के सबसे बड़े गद्दार गाँधी और नेहरू थे
भारत के सबसे बड़े गद्दार गाँधी और नेहरू थे